Trinamool vote found a new way of loot: CPI
कोलकाता: प्रथम चरण के तहत चार अप्रैल को 18 विधानसभा सीटों के लिए हुए मतदान के दौरान सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग की भूमिका पर माकपा ने एक बार फिर सवाल उठाया है. माकपा के राज्य सचिव डॉ सूर्यकांत मिश्रा ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस ने वोट लूट का नया तरीका ढूंढ़ निकाला है.
पार्टी सूत्रों से पता चला है कि कई केंद्रीय बल के जवानों का यूनिफार्म पहन कई सिविक वोलेंटियर कार्य करते देखे गये. उन्होंने मांग की है कि इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग जांच करे. मिश्रा ने कहा कि प्रथम चरण के मतदान के दौरान कई बूथों के अंदर राज्य पुलिसकर्मियों को देखा गया.
18 सीटों पर हुए मतदान के प्रतिशत में इजाफा की बात को लेकर मिश्रा ने दावा किया कि पहले चरण के तहत हुए मतदान में तृणमूल का सूपड़ा साफ हो गया है. हालांकि शेष मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो, यह बात चुनाव आयोग सुनिश्चित करे. करोड़ों रुपये सारधा चिटफंड घोटाले और नारद स्टिंग ऑपरेशन का जिक्र करते हुए माकपा के राज्य सचिव डॉ सूर्यकांत मिश्रा ने आरोप लगाया है कि राज्य में इससे पहले इस तरह की भ्रष्ट सरकार सत्ता में नहीं आयी थी.
सारधा चिटफंड घोटाले से नारद स्टिंग ऑपरेशन तक इस चुनाव में भ्रष्टाचार अन्य प्रमुख मुद्दों में से एक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तृणमूल सरकार पर कटाक्ष किये जाने के मसले पर पूछे जाने पर माकपा नेता ने आरोप लगाया कि तृणमूल और भाजपा की नीति समान है.
आखिर क्या वजह है कि सारधा चिटफंड कांड की जांच की गति धीमी हो गयी? असल में तृणमूल को भाजपा की और भाजपा को तृणमूल की जरुरत है. आरोप के अनुसार भाजपा के केंद्र में आने के बाद विकास नहीं विनाश ही हुआ है.